ब्यूरो प्रमुख - योगेश कुमार
मेरठ | रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी दास्तां सामने आई है जिसने मेरठ के पुराने 'नीले ड्रम' कांड की यादें ताजा कर दी हैं। 12 साल पहले सात फेरे लेकर उम्र भर साथ निभाने का वादा करने वाली रूबी ने अपने ही पति राहुल की न केवल हत्या की, बल्कि उसकी लाश के साथ जो किया वह किसी भी सामान्य इंसान की सोच से परे है। पुलिस की जांच में अपराध की एक ऐसी सोची-समझी पटकथा सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया हैपुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था। रूबी ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीके से बाजार से सामान जुटाया₹1100: दो बड़े बैग खरीदे गए ताकि शव को ठिकाने लगाया जा सके।₹200: प्रतिदिन के किराए पर एक 'ग्राइंडर' मंगवाया गया (जिसका उपयोग शव के टुकड़े करने के लिए किया गया)।₹100: सबूत मिटाने और अंगों को लपेटने के लिए काली पन्नियां खरीदी गईंहत्या के बाद रूबी ने राहुल के शव को क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए टुकड़ों में बांट दिया। घर के अंदर हीटर और चारपाई पर मिले खून के धब्बे चीख-चीख कर गवाही दे रहे हैं कि राहुल की सांसें थमने के बाद उसके शरीर के साथ क्या हुआ।
धड़: एक बैग में धड़ को भरकर पास के एक नाले में फेंक दिया गया। सिर और हाथ-पैर: दूसरे बैग में शरीर के बाकी अंगों को रखकर गंगा में प्रवाहित कर दिया गया।
किराए की कार: इन टुकड़ों को ठिकानों तक पहुंचाने के लिए ₹1300 में एक कार किराए पर ली गई थी।
जरा भी नहीं कांपे हाथ
पुलिस के अनुसार, रूबी ने इस पूरी वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया कि उसके हाथ तक नहीं कांपे। हत्या के बाद वह ऐसे सामान्य जीवन जी रही थी जैसे कुछ हुआ ही न हो। रिश्तों में आई दरार और आपसी विवाद इस कदर नफरत में बदल गए कि एक पत्नी ने अपने ही सुहाग की 'कसाई' की तरह हत्या कर दी
0 टिप्पणियाँ