‘विकसित भारत: स्व का बोध’ विषय पर छात्र व युवा अध्यापक ले सकेंगे भाग।
संवाददाता -राकेश गौतम।
आज़मगढ़। भारतीय शिक्षण मण्डल के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित राष्ट्रीय स्तर की लेख लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता का विषय “विकसित भारत: स्व का बोध (स्वामी विवेकानंद की दृष्टि में)” रखा गया है। इसमें स्नातक, परास्नातक, पीएचडी के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ युवा अध्यापक भी भाग ले सकते हैं। लेख ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएंगे, जिसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।
शनिवार को महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने भारतीय शिक्षण मण्डल गोरक्ष प्रान्त के युवा गतिविधि सह प्रमुख लेफ्टिनेंट डॉ. पंकज सिंह, कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. देवेन्द्र सिंह, प्रो. वन्दना पाण्डेय, प्रो. अरुण कुमार सिंह, डॉ. प्रवेश कुमार सिंह, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, आशुतोष माहेश्वरी एवं अन्य प्राध्यापकों की उपस्थिति में प्रतियोगिता का पोस्टर जारी किया। इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्व का जागरण आवश्यक है और इसके लिए स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी सर्वाधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने युवाओं के नैतिक, चारित्रिक और सांस्कृतिक सुदृढ़ीकरण के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में सहायक कुलसचिव डॉ. महेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. देवेन्द्र पाण्डेय, डॉ. सत्यम त्रिपाठी, डॉ. ऋतम्भरा, डॉ. तृषिका, विपिन शर्मा, भूपेंद्र पाण्डेय सहित कई शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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