राजभर ने हंसते हुए कहा कि शंकराचार्य वहां रोज स्नान कर रहे थे, भला बिना स्नान किए कोई साधु कैसे रह सकता है।
प्रयागराज/लखनऊ। माघ मेले से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बिना स्नान किए दो दिन पहले प्रस्थान करने के बाद उठा विवाद अब लगातार सियासी रंग लेता जा रहा है। शंकराचार्य द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह कहना कि पूरे घटनाक्रम से उनका मन दुखी हुआ है और उन्हें गहरी चोट पहुंची है, इसके बाद से ही यह मामला चर्चा में बना हुआ है। इस प्रकरण पर राजनीतिक गलियारों से लगातार अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इसी कड़ी में अब सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। जब उनसे अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने जवाब को शंकराचार्य से जोड़ते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी कर दी। राजभर ने हंसते हुए कहा कि शंकराचार्य वहां रोज स्नान कर रहे थे, भला बिना स्नान किए कोई साधु कैसे रह सकता है। ओमप्रकाश राजभर के इस बयान के बाद सियासी बहस और तेज हो गई है। जहां एक ओर उनके समर्थक इसे सामान्य टिप्पणी बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इसे शंकराचार्य के बयान को हल्के में लेने वाला करार दे रहे हैं। गौरतलब है कि माघ मेले और साधु-संतों से जुड़े मामलों को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है, ऐसे में नेताओं के बयान राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहे हैं। फिलहाल शंकराचार्य प्रकरण पर राजनीति गरमाई हुई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
0 टिप्पणियाँ