अमेरिका-इजरायल गठजोड़ के खिलाफ वामपंथी दलों का शांति मार्च।

कुंवर सिंह उद्यान से निकाला गया मार्च, तेल के लिए युद्ध बंद करने की उठी मांग।
वक्ताओं ने कहा—ईरान पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन।
संवाददाता -अबुल कैश 
निज़ामबाद/आजमगढ़। अमेरिका-इजरायल गठजोड़ द्वारा Iran पर किए जा रहे हमलों के विरोध में राज्यव्यापी आह्वान के तहत मंगलवार को वामपंथी दलों ने शहर में शांति मार्च निकाला। यह मार्च कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया , कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सस्ट ) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सस्ट –लेनिनस्ट ) लिबरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। मार्च की शुरुआत शहीद कुंवर सिंह उद्यान से हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारी “अमेरिका-इजरायल गठजोड़ मुर्दाबाद”, “अमेरिकी दादागिरी नहीं चलेगी” और “तेल के लिए जंग बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्च पुनः कुंवर सिंह उद्यान के मुख्य द्वार पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए दुनिया के कई देशों पर हमले कर रहा है। उनका कहना था कि अमेरिका की मंशा विश्व के आर्थिक संसाधनों और मुनाफे के स्रोतों पर कब्जा करने की है। वक्ताओं ने कहा कि जो देश अमेरिका की शर्तों को नहीं मानते, उन पर दबाव बनाने या हमला करने की नीति अपनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि वेनेज़ूला और ईरान पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि असल उद्देश्य आर्थिक संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करना है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि कुछ नार्थ अटलांटिक ट्रेती आर्गेनाइजेशन देशों ने भी इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। साथ ही अमेरिका में भी डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की आलोचना हो रही है।
सभा में मांग की गई कि अमेरिका-इजरायल गठजोड़ तुरंत ईरान पर हमला बंद करे, बिना शर्त माफी मांगे और तेल के लिए हो रहे युद्ध को समाप्त किया जाए।
कार्यक्रम को भाकपा माले नेता व किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश नारायण , भाकपा नेता व किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तिज़ बेग , भाकपा माले के जिला प्रभारी विनोद सिंह, भाकपा के जिला मंत्री जितेंद्र हरि पांडेय और हामिद अली ने संबोधित किया। मार्च में खरपत्तू राजभर, रामाज्ञा यादव, अशोक यादव, दुर्बली राम, राज नारायण, चंद्र मोहन, बृजेश नारायण, रामजीत प्रजापति, सुदर्शन राम, बसंत राम, हरिश्चंद्र राजभर, शिवम गिरी सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

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