मायावती ने दिया सख्त संदेश, गुटबाजी पर कार्रवाई; नए चेहरे को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी।
लखनऊ/झांसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बुंदेलखंड क्षेत्र में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए सख्त कार्रवाई की है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गुटबाजी और अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए लाला राम अहिरवार को सभी संगठनात्मक पदों और जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उनकी जगह रवि कांत मौर्य को बुंदेलखंड क्षेत्र का मुख्य कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।
बसपा के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि संगठन में गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और नए नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल एक पद परिवर्तन नहीं बल्कि संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की कवायद का हिस्सा है। बुंदेलखंड में बसपा की पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा का यह फैसला प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
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