रास्ते से दो फीट जगह छोड़कर निर्माण पर बनी थी सहमति, ग्रामीणों का दावा—सुलहनामा होने के बावजूद लगाए गए आरोप।
संवाददाता— राकेश गौतम
आजमगढ़। जहानागंज थाना क्षेत्र के आजमबांध गांव में रास्ते से सटाकर दीवार निर्माण को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी रामबाबू पुत्र पूर्णमासी, सूर्यनाथ पुत्र जनासी समेत अन्य ग्रामीणों ने विपक्षी छविनाथ की ओर से लगाए गए दीवार गिराने के आरोपों को निराधार बताया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा उचित कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव निवासी छविनाथ द्वारा खड़ंजे की जमीन से सटाकर दीवार का निर्माण कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने रास्ते की पर्याप्त चौड़ाई बनाए रखने के लिए कुछ जगह छोड़कर निर्माण करने की बात कही। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले की सूचना डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जहानागंज थाने में दोनों पक्षों की मौजूदगी में आपसी सहमति से खड़ंजे से दो फीट जगह छोड़कर दीवार निर्माण करने पर सहमति बनी थी। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में सुलहनामा भी तैयार किया गया, जिसकी प्रति उनके पास मौजूद है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सहमति बनने के बाद भी विपक्षी छविनाथ ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर उनके खिलाफ दीवार गिराने सहित कई आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रार्थना पत्र में उनके पाटीदार के पढ़ने वाले लड़कों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिससे उन्हें झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका है।
मीडिया से बातचीत में सूर्यनाथ पुत्र जनासी ने कहा कि छविनाथ से उनका कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि रास्ते से दो से तीन फीट जगह छोड़कर निर्माण किया जाता है तो रास्ता और चौड़ा हो जाएगा, जिससे गांव के करीब 40 घरों की आबादी को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके की स्थिति और संबंधित अभिलेखों की जांच कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। साथ ही यदि किसी पक्ष की ओर से गलत आरोप लगाए गए हैं तो जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने अपनी बात रखते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
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