ओबीसी की जातीय जनगणना कराने की मांग, सरकारी नौकरियों में खाली आरक्षित पदों को भरने की उठाई आवाज।
नई दिल्ली। बसपा प्रमुख मायावती ने जातीय जनगणना और रोजगार के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक स्थिति और उनकी आबादी का सही आंकड़ा सामने लाने के लिए ओबीसी की भी जातीय जनगणना कराई जानी चाहिए।
मायावती ने कहा कि देश में लंबे समय से ओबीसी वर्ग की जातीय जनगणना की मांग उठ रही है। उनके मुताबिक, एससी और एसटी की तर्ज पर ओबीसी वर्ग के आंकड़े भी सामने आने चाहिए, ताकि नीतियां और योजनाएं वास्तविक स्थिति के आधार पर बनाई जा सकें।
उन्होंने सरकारी नौकरियों में आरक्षित वर्गों के खाली पदों का मुद्दा भी उठाया। मायावती का कहना है कि लंबे समय से रिक्त पड़े बैकलॉग पदों को भरने की जरूरत है, क्योंकि इसका सीधा संबंध रोजगार और प्रतिनिधित्व से है। बसपा प्रमुख ने केंद्र सरकार से जातीय जनगणना और रोजगार से जुड़े विषयों पर स्पष्ट कदम उठाने की मांग की। उनके बयान के बाद ओबीसी जनगणना, आरक्षण और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
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