ओवैसी की प्रस्तावित जनसभा से आजमगढ़ में बढ़ी सियासी हलचल, सपा के समीकरणों पर चर्चा।

11 अक्टूबर को चेकपोस्ट क्षेत्र में कार्यक्रम की तैयारी, अंतिम अनुमति का इंतजार; एआईएमआईएम की सक्रियता पर राजनीतिक दलों की नजर।
आजमगढ़। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आजमगढ़ में एआईएमआईएम की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। पार्टी प्रमुख एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के अनुसार 11 अक्टूबर को चेकपोस्ट क्षेत्र में शाम चार बजे से रात 10 बजे तक कार्यक्रम कराने की तैयारी है। हालांकि, कार्यक्रम की अंतिम प्रशासनिक अनुमति अभी लंबित है।
एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष नदीम आरिफ के मुताबिक, जनसभा को लेकर पदाधिकारियों की बैठकें की जा रही हैं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। गांव-गांव जनसंपर्क कर प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है। देर शाम तक कार्यक्रम होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी जानकारी देने की बात कही गई है।
ओवैसी की प्रस्तावित सभा के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के मुस्लिम मतदाता आधार को लेकर भी राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद लोकनीति-सीएसडीएस के सर्वेक्षण में मुस्लिम मतदाताओं के बीच सपा को उल्लेखनीय समर्थन दर्ज किया गया था। यह सर्वेक्षण राज्य के 70 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया था, इसलिए इसके आंकड़ों को आजमगढ़ की प्रत्येक सीट पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। 
अब एआईएमआईएम की सक्रियता से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आगामी चुनाव में ही स्पष्ट होगा। फिलहाल ओवैसी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर तैयारियां जारी हैं और प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम की अंतिम स्थिति सामने आएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ