जीडीपी के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल, बोलीं—जनता को विकास का वास्तविक लाभ और सम्मानजनक जीवन मिलना जरूरी।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र की नीतियों पर निशाना साधते हुए विकास के दावों से लेकर धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण तक कई मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सरकार से विकास के आंकड़ों की वास्तविकता स्पष्ट करने तथा आम जनता के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।
मायावती ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के सरकारी दावे का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आम जनता महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी से परेशान है। उन्होंने सवाल किया कि ऊंची विकास दर का लाभ करोड़ों गरीब और मेहनतकश लोगों को कितना मिला और आगे कितना मिलेगा।
उन्होंने विकास के आंकड़ों और दावों को जनहित से जोड़ते हुए कहा कि विकास वही सही और उपयोगी है, जिससे जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए और लोग खुशहाल बनें। मायावती ने उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने तथा लाखों लोगों को सुरक्षा कवच देने की योजना के बजाय उन्हें सीधे सरकारी नौकरी देने की बात भी कही।
वहीं, सहारनपुर की मस्जिद सहित प्रदेश में अन्य मस्जिदों को अवैध बताकर ध्वस्त किए जाने के अभियान पर भी मायावती ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने इसे तत्काल रोकने और विवाद का समाधान अन्य माध्यमों से निकालने की मांग की। मायावती ने कहा कि संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था में सभी धर्मों के मानने वालों तथा उनके धार्मिक स्थलों का समान सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के किसी आरोपी का मकान ध्वस्त कर उसके परिवार को सामूहिक सजा देने जैसी कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई और “कानून द्वारा कानून का राज” सुनिश्चित करने की बात कही। मायावती ने सरकार के साथ न्यायपालिका से भी ऐसे मामलों पर उचित ध्यान देने की अपील की तथा सभी पक्षों से सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आह्वान किया।
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