लोकसभा में आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव ने सड़क, टोल प्लाज़ा और शिक्षकों के मुद्दे उठाए!

आजमगढ़–वाराणसी मार्ग के 18 किमी हिस्से को फोर लेन करने की मांग! 
टीईटी अनिवार्यता पर 25 लाख शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा हेतु सरकार से हस्तक्षेप की अपील! 
संपादक : मनीष कुमार 
आजमगढ़ : समाजवादी पार्टी के नेता, लोकसभा में मुख्य सचेतक, लोक लेखा समिति के सदस्य एवं सांसद धर्मेंद्र यादव ने 4 दिसंबर 2025 को लोकसभा में अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि आजमगढ़–वाराणसी मार्ग, जो लुंबिनी तक जाने वाले अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट का हिस्सा है, 10 वर्ष पूर्व बना था, लेकिन जौनपुर जनपद में लगभग 18 किलोमीटर हिस्सा अभी भी दो लेन ही है, जिससे यात्रियों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मंत्री से इस शेष 18 किलोमीटर हिस्से को तुरंत फोर लेन करने का आग्रह किया। इसके साथ ही सांसद ने कोटिला टोल प्लाज़ा पर टोल कर्मचारियों द्वारा बनाए गए अवैध बैरियर और स्थानीय लोगों, स्कूल बसों तथा लिंक मार्गों पर हो रही आवाजाही की बाधा का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाते हुए N.H.A.I. के "अत्याचार" को समाप्त कराने की मांग की। पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू होने के मामले पर उन्होंने कहा कि 1 सितंबर 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद देश के लगभग 25 लाख और यूपी के 2 लाख से अधिक शिक्षक असुरक्षा की स्थिति में हैं, क्योंकि केंद्र और राज्यों की कमजोर पैरवी के कारण उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने सरकार से संविधान संशोधन या अध्यादेश लाकर इन पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा करने का आग्रह किया।

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