पुलिस वर्दी, फर्जी आईडी और नियुक्ति पत्र के सहारे वर्षों से कर रहा था धोखाधड़ी
शादी के नाम पर दहेज, फिर भर्ती–मेडिकल का झांसा देकर ऐंठे लाखों रुपये!
संवाददाता -अबुल कैश निज़ामबाद
आजमगढ़। जनपद के थाना निजामाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी उप-निरीक्षक (दरोगा) बनकर शादी करने और पुलिस वर्दी पहनकर लोगों से ठगी करने वाले शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रदीप यादव पुत्र मोतीलाल यादव निवासी ग्राम मड़ना, थाना अहरौला, उम्र लगभग 28 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से उप-निरीक्षक की वर्दी, फर्जी पुलिस परिचय पत्र, फर्जी नियुक्ति/ज्वाइनिंग लेटर समेत भारी मात्रा में कूटरचित सामग्री बरामद की है।
मामले की शुरुआत पीड़िता काजल यादव निवासी मिठ्ठनपुर हादीअली, थाना निजामाबाद के प्रार्थना पत्र से हुई। पीड़िता ने बताया कि अभियुक्त ने स्वयं को पीएसी सिपाही व उप-निरीक्षक बताकर 16 फरवरी 2022 को उससे विवाह किया। विवाह के दौरान दहेज में लगभग 8 लाख रुपये, सोने के आभूषण और घरेलू सामान लिया गया। इसके बाद अभियुक्त और उसके परिजनों द्वारा अतिरिक्त दहेज और वाहन की मांग को लेकर पीड़िता को प्रताड़ित किया जाने लगा।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अभियुक्त ने वर्ष 2023 की यूपीएसआई भर्ती में चयन होने का झांसा देकर मेडिकल परीक्षण के नाम पर अपने ससुराल पक्ष से 1 लाख रुपये और वसूल लिए। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है और उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे खुद को दरोगा बताया था।
थाना निजामाबाद पर इस संबंध में धारा 85, 205, 318(4), 351(3) बीएनएस व 3/4 डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) और धारा 84 BNSS के तहत अधिपत्र जारी किया गया था। इसी दौरान सूचना मिली कि अभियुक्त पीड़िता को धमकाने के लिए पुलिस वर्दी पहनकर उसके पास आया है। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। बाद में मुकदमे में धारा 204, 319(2), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई और अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में अभियुक्त ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि अच्छी शादी और धन लाभ के लालच में उसने फर्जी तरीके से सिपाही व उप-निरीक्षक के परिचय पत्र और नियुक्ति पत्र तैयार कराए। उसने प्रयागराज के थाना कर्नलगंज में तैनाती का झूठा दावा किया और उप-निरीक्षक की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह करता रहा। वह प्रयागराज में किराए के कमरे में रहकर इसी तरह की ठगी के सहारे जीवन-यापन कर रहा था। पुलिस द्वारा की गई बरामदगी में 2 फर्जी पुलिस परिचय पत्र, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, नेम प्लेट, उप-निरीक्षक की वर्दी, जैकेट, कैप, बेल्ट, जूते, वर्दी में फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम/डेबिट कार्ड, कीपैड मोबाइल, स्मार्टफोन, नगद ₹1117 सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और आमजन ने फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए पुलिस की सराहना की है।
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