हिजाब प्रकरण से लेकर पुलिस परेड विवाद तक, सत्ता से संवेदनशीलता की मांग
विधानमंडल व संसद सत्र में जनहित की अनदेखी, बांग्लादेश हालात पर भी जताई चिंता!
लखनऊ : मायावती ने आज अपने ट्वीट के माध्यम से केंद्र और राज्यों की सरकारों पर कई अहम मुद्दों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटवाने की घटना को महिला सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए इसे दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से अब तक सुलझ जाना चाहिए था, लेकिन मंत्रियों की बयानबाजी के कारण विवाद बढ़ता जा रहा है। मायावती ने मुख्यमंत्री से पश्चाताप कर विवाद समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के बहराइच में पुलिस परेड के दौरान कथावाचक को सलामी दिए जाने के प्रकरण को भी पुलिस की परंपरा, अनुशासन और मर्यादा के खिलाफ बताया। इस मामले में यूपी पुलिस प्रमुख द्वारा जवाब तलब किए जाने को सकारात्मक बताते हुए उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। मायावती ने 19 दिसंबर से शुरू हुए यूपी विधानसभा के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र को भी जनहित के मुद्दों से भटका हुआ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की खाद की समस्या सहित अन्य जनकल्याणकारी विषयों पर सदन में जवाबदेह होना चाहिए था। इसी तरह संसद का शीतकालीन सत्र भी दिल्ली के भीषण वायु प्रदूषण समेत देश की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा किए बिना समाप्त हो गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके साथ ही उन्होंने पड़ोसी देश बांग्लादेश में बिगड़ते हालात और भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से दीर्घकालीन नीति के तहत समुचित कदम उठाने की मांग की।
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