इश्क की आग में डूबा अलीगढ़ का बादल बाबू, पाकिस्तान जाकर भुगती जेल की सज़ा!

एक साल बाद रिहाई की उम्मीद, घर में शुरू हुई खुशियों की दस्तक! 
अलीगढ़। “इश्क आग का दरिया है और डूबकर जाना है”—यह कहावत अलीगढ़ के रहने वाले बादल बाबू ने मानो अपनी जिंदगी में सच कर दिखा दी। इश्क में इस कदर डूबे कि सरहद, कानून और अंजाम—कुछ भी नहीं देखा। बादल बाबू को मोहब्बत हुई और वह भी किसी और से नहीं, बल्कि पाकिस्तान की एक युवती से। इश्क में चूर बादल बाबू ने बिना कुछ सोचे-समझे पाकिस्तान का टिकट कटाया और अपनी महबूबा से इज़हार-ए-मोहब्बत करने पड़ोसी मुल्क पहुंच गए। लेकिन कहानी में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया, जब जिस लड़की के लिए बादल बाबू सरहद पार कर गए थे, उसने उन्हें लाइव देखकर पहचानने से ही इनकार कर दिया। पल भर में मोहब्बत हवा हो गई और बादल बाबू बेवफाई के साथ-साथ पाकिस्तानी कानून की चपेट में आ गए।
लड़की के इनकार के बाद पाकिस्तानी पुलिस ने बादल बाबू को हिरासत में ले लिया और उन्हें जेल भेज दिया गया। करीब एक साल तक जेल की सजा काटने के बाद बादल बाबू को अब डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। हर किसी की किस्मत सीमा हैदर जैसी नहीं होती—यह बात बादल बाबू की कहानी साफ बयां करती है।
अब पाकिस्तान से खबर आ रही है कि बादल बाबू की रिहाई का वक्त नजदीक है। डिटेंशन सेंटर में भेजे जाने के बाद बादल अपने वतन लौटने को बेताब हैं। जैसे ही उनकी रिहाई की सुगबुगाहट शुरू हुई, वैसे ही अलीगढ़ स्थित उनके घर पर रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो गया। घर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं, बधाइयों का दौर चल रहा है और परिजन जल्द बादल बाबू के भारत लौटने की उम्मीद में खुश नजर आ रहे हैं। इश्क की इस अनोखी कहानी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मोहब्बत में लिया गया एक गलत फैसला इंसान को कहां से कहां पहुंचा सकता है।

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