आजमगढ़ : हृदय रोग और कैंसर की बढ़ती चुनौती, समय पर जांच से बचाई जा सकती है जिंदगी!

 बदलती जीवनशैली से बढ़ रहा खतरा, कम उम्र के लोग भी हो रहे प्रभावित! 
मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञों ने गोंडा में लोगों को किया जागरूक! 
संवाददाता -राकेश गौतम 
गोंडा। देश में हृदय रोग और कैंसर गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। अनियमित जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता और समय पर स्वास्थ्य जांच न कराना इन बीमारियों के बढ़ते मामलों की प्रमुख वजह बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच और आधुनिक इलाज से इन रोगों में न केवल जान बचाई जा सकती है, बल्कि मरीज बेहतर और सक्रिय जीवन भी जी सकता है।
मेदांता अस्पताल के एसोसिएट डायरेक्टर, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि आज हृदय रोग केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मोटापा, धूम्रपान और तनाव दिल की बीमारियों के बड़े कारण हैं। उन्होंने कहा कि हृदय रोग अक्सर शुरुआती दौर में बिना लक्षण के बढ़ते हैं, इसलिए नियमित जांच और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। आधुनिक इंटरवेंशनल तकनीकों से अब एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर, एब्लेशन और हार्ट फेल्योर जैसी जटिल स्थितियों का इलाज पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गया है।
मेदांता अस्पताल के डायरेक्टर, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, कैंसर केयर, डॉ. मोहम्मद सुहैब ने बताया कि बदलती जीवनशैली के चलते कैंसर के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्रेस्ट, सर्वाइकल, प्रोस्टेट और कोलन कैंसर जैसे कई कैंसर नियमित स्क्रीनिंग से शुरुआती अवस्था में ही पकड़े जा सकते हैं। 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेक-अप हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। डॉ. सुहैब ने बताया कि IMRT, IGRT और स्टीरियोटैक्टिक रेडियोथेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों से कैंसर का इलाज अब अधिक सटीक, सुरक्षित और कम दुष्प्रभावों के साथ संभव हो पाया है। इलाज के बाद फॉलो-अप, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम मरीज को फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करता है। दोनों विशेषज्ञों ने कहा कि हृदय रोग और कैंसर से डरने की नहीं, बल्कि सही जानकारी, समय पर जांच और जागरूकता की जरूरत है। मेदांता अस्पताल की ओर से गोंडा में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय पर उठाया गया एक कदम अनमोल जीवन बचा सकता है।

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