उपराष्ट्रपति ने IDAS अधिकारी प्रशिक्षुओं से किया संवाद, सेवा भाव को बताया मूल मंत्र!

सशस्त्र बलों की तैयारियों के लिए ईमानदार और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन पर जोर! 
आत्मनिर्भर व विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका रेखांकित! 
नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति आवास में भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के अधिकारी प्रशिक्षुओं से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षुओं से ‘सेवा भाव–कर्तव्य बोध’ को अपना मार्गदर्शक मंत्र बनाने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सशस्त्र बलों की संचालनात्मक तैयारियों को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ईमानदारी, सतर्कता और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जिम्मेदारी की भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया।

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