पुलिस पर फायरिंग करने वाले अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद, पूछताछ में मंदिर के पास युवक की पीट-पीटकर हत्या करने की बात कबूली।
आजमगढ़। जनपद के थाना मेंहनाजपुर क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 31 दिसंबर 2025 को हुई हत्या की वारदात में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर वांछित और इनामिया अभियुक्तों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज सुबह लगभग 10:10 बजे थाना मेंहनाजपुर प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष पाल पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त ऊचहुआ से मानिकपुर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मानिकपुर मोड़ से करीब 200 मीटर पहले पुलिया के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखा, जिसे पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर वह भागने लगा और खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त की पहचान वरुण यादव उर्फ शेरू यादव पुत्र अवधराज यादव, निवासी ऊचहुआ, थाना चन्दवक, जनपद जौनपुर के रूप में हुई। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि फील्ड यूनिट द्वारा मौके पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है!
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त वरुण यादव ने स्वीकार किया कि उसने अपने भाई अरुण यादव उर्फ वकील यादव, तथा साथियों रवि यादव और लालू यादव के साथ मिलकर 31 दिसंबर 2025 को मारूकामाता मंदिर के पास अखिलेश सोनकर (24 वर्ष) के साथ मारपीट की थी। सिर पर डंडे से वार करने के बाद उसे घायल अवस्था में छोड़कर सभी फरार हो गए थे, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष पाल सहित उपनिरीक्षक दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल बाबूलाल राजभर, पवन कुमार सिंह, लालबिहारी यादव, शशि कुमार और कांस्टेबल घनश्याम यादव शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
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