घटना को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पुलिस-प्रशासन पर हमला बोला, जबकि विपक्षी दलों ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में दलित परिवार के साथ हुई दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। एक बेटी को उसकी मां की आंखों के सामने अगवा किए जाने और विरोध करने पर मां पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। इलाज के दौरान मां की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और मामला सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक गरमा गया। यह घटना सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ की बताई जा रही है, जहां जाटव समाज की एक महिला के सामने उसकी बेटी का अपहरण किया गया। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मां की मौत की खबर फैलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ, गाड़ियां तोड़ी गईं और शव रखकर प्रदर्शन किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के नेता अतुल प्रधान समेत कई स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और पुलिस-प्रशासन पर सवाल खड़े किए। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों का गुस्सा साफ नजर आया, जहां पुलिस और सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए गए।
दलित परिवार के दर्द ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती को भी झकझोर दिया। उन्होंने इस घटना को लेकर पुलिस, प्रशासन और शासन पर तीखा हमला बोला और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मायावती के बयान के बाद यह मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
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