बार काउंसिल चुनाव: अधिवक्ताओं के अधिकार और सम्मान की लड़ाई — सैय्यद महफूज़ उर रहमान “फ़ैज़ी” का बड़ा बयान।

रिपोर्ट, राकेश कुमार गौतम आजमगढ़।
आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आगामी चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार काउंसिल प्रत्याशी सैय्यद महफूज़ उर रहमान “फ़ैज़ी” ने अधिवक्ताओं से अपने बहुमूल्य वोट और समर्थन की अपील की है। वे SR. No. 303 पर चुनाव मैदान में हैं। फ़ैज़ी साहब पूर्व में अवध बार एसोसिएशन, हाई कोर्ट लखनऊ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और लंबे समय से अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान सैय्यद महफूज़ उर रहमान “फ़ैज़ी” ने हाल ही में हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा कर्मियों द्वारा अधिवक्ता भाइयों के साथ किया गया व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि यह अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा पर सीधा हमला है। इस घटना से पूरे प्रदेश का अधिवक्ता समाज आहत और आक्रोशित है। फ़ैज़ी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मुख्यमंत्री द्वारा अधिवक्ताओं की मांगों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो प्रदेश भर के अधिवक्ता संघ आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से चलाया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि टोल प्लाजा कर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में अधिवक्ताओं के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार दोबारा न हो। अधिवक्ताओं के साथ हुआ यह कृत्य उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बार काउंसिल प्रत्याशी फ़ैज़ी ने चुनावी वादों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिला, तो वे अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेंगे। साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा, सम्मान, सुविधाओं और पेशे से जुड़ी हर समस्या के समाधान के लिए वे कदम से कदम मिलाकर चलने का काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि बार काउंसिल केवल एक संस्था नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की आवाज़ है। इसे मजबूत बनाने के लिए ईमानदार, संघर्षशील और अनुभवी प्रतिनिधियों का चुना जाना बेहद जरूरी है। अंत में सैय्यद महफूज़ उर रहमान “फ़ैज़ी” ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि वे SR. No. 303 पर अपने वोट और समर्थन देकर उन्हें विजयी बनाएं, ताकि अधिवक्ताओं के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान की इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके।

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