मेरठ में सोनू हत्याकांड: आरोपियों को फांसी देने की मांग, पीड़ित परिवार कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठा!


ब्यूरो प्रमुख - योगेश कुमार 
मेरठ : जनपद में हुए सोनू उर्फ रोनू हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार ने सोमवार को मुजफ्फरनगर जिला कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। हाथों में मृतक की तस्वीरें लेकर परिजन न्याय की गुहार लगाते नजर आए और आरोपियों को फांसी देने की मांग की।मृतक की बहन आरती ने आरोप लगाया कि उनका भाई सोनू पिछले सोमवार को घर से करीब 80 हजार रुपये लेकर मेरठ अपनी मौसी के यहां जाने की बात कहकर निकला था। सोनू बाइक खरीदना चाहता था, इसी उद्देश्य से वह मेरठ गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। बाद में उसकी निर्मम हत्या की जानकारी परिवार को मिली।आरती का कहना है कि पुलिस जिस तरह एक नाबालिग को ही हत्यारा बता रही है, वह पूरी तरह गलत है। उनका आरोप है कि अकेला नाबालिग न तो लूट कर सकता है और न ही किसी को जिंदा जला सकता है। इस वारदात में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जो अभी खुलेआम घूम रहे हैंपीड़ित परिवार के समर्थन में सामाजिक न्याय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप भी धरने में पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सरकारी नौकरी और हत्यारों को फांसी देने की मांग की।परिजनों के अनुसार, सोनू गाजियाबाद के मुरादनगर में तंदूर की भट्टी पर काम करता था। 15 दिन काम करने के बाद वह घर लौटा था। घर में बीमार मां, एक भाई और एक बहन हैं, जिनकी पूरी जिम्मेदारी सोनू पर ही थी।
मृतक की बहन आरती कश्यप ने बताया कि सोनू रविवार रात करीब 12 बजे घर पहुंचा था। सोमवार सुबह उसने बताया कि वह मौसी के यहां जाएगा और बाइक खरीदेगा। रास्ते में सालवा गांव में कुछ युवकों के साथ वह रुका, जहां उन्होंने उसके पास मौजूद पैसे देख लिए। आरोप है कि बाद में उन्हीं लोगों ने उसे घुमाते हुए अखापुर गांव के जंगल में ले जाकर डीजल डालकर जिंदा जला दिया।
परिजनों का कहना है कि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है। न तो सही आरोपियों की पहचान हो रही है और न ही यह बताया जा रहा है कि सोनू के पैसे बरामद हुए या नहीं। परिवार ने निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

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