यूजीसी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में आजमगढ़ में प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन।

अभिभावक, बुद्धिजीवी और अधिवक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल।
धरना-प्रदर्शन के बाद जुलूस निकालकर जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन।
संवाददाता -राकेश गौतम 
आजमगढ़। राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आन्दोलन के बैनर तले सोमवार को यूजीसी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। छात्रों के अभिभावक, बुद्धिजीवी और अधिवक्ताओं ने रिक्शा स्टैंड पर धरना और सभा आयोजित कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
धरना सभा को संबोधित करते हुए दुखहरन सत्यार्थी ने सरकार पर दलित, पिछड़ा, महिला और अल्पसंख्यक विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। दीवानी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सूबेदार यादव ने समाज से जातिवाद को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजेश आजाद ने गीत के माध्यम से यूजीसी रेगुलेशन के प्रावधानों को रखा, वहीं अब्दुर्रहमान अंसारी एडवोकेट ने धर्म आधारित व्यवस्थाओं पर चिंता जताई। विमला यादव एडवोकेट ने शैक्षणिक परिसरों में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठाया।
सभा को सूर्यभान सरोज एडवोकेट, किसान नेता रामनयन यादव, सामाजिक न्याय एवं बाल भवन केंद्र के निदेशक रामजनम यादव, गुलाबचंद चौधरी एडवोकेट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र यादव सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। क्रांतिकारी गीतकार काशीनाथ यादव ने गीतों के माध्यम से माहौल को जोश से भर दिया।
धरना समाप्ति के बाद प्रदर्शनकारी रिक्शा स्टैंड से जुलूस के रूप में निकलकर महापंडित राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा, कुंवर सिंह उद्यान होते हुए कलेक्ट्रेट मुख्य गेट पहुंचे, जहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आंदोलन के सचिव दिनेश यादव ने किया। धरना की अध्यक्षता रामकुमार यादव ने की, जबकि संचालन अरविंद कुमार भारती एडवोकेट ने किया।

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