आज़मगढ़ प्रवास पर महिला आयोग की सदस्य, जेल, जनसुनवाई और महिला अस्पताल का किया निरीक्षण।

निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
संवाददाता - धीरज वर्मा चौक आजमगढ़ 
आज़मगढ़। महिला आयोग की एक सदस्य अपने चार दिवसीय दौरे के क्रम में आज आज़मगढ़ पहुँचीं। जिले में पहुंचने से पहले उन्होंने अयोध्या में दर्शन-पूजन किया। आज़मगढ़ आगमन के बाद उन्होंने सबसे पहले महिला कारागार का निरीक्षण किया, जहां महिला बंदियों की रहन-सहन, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इसके बाद “आयोग आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत तीन जनपदों की संयुक्त जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान करीब 40 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। आयोग सदस्य ने पीड़ित महिलाओं, आवेदिकाओं और संबंधित पुलिस अधिकारियों से संवाद कर मामलों की जानकारी ली। कई मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात महिला आयोग सदस्य ने महिला जिला अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, महिला एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, 100 बेड यूनिट और कंगारू केयर वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
दौरे के दौरान आयोग सदस्य ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लड़कियों की शादी 18 वर्ष और लड़कों की शादी 21 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद ही करें।
अपने दौरे के समापन पर महिला आयोग सदस्य ने कहा कि आज़मगढ़ अब तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। जिले में महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

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