आजमगढ़ : स्कूल में बायोमेट्रिक उपस्थिति के बावजूद शिक्षक पर दर्ज मुकदमे की पुनः विवेचना की मांग।

घटना समय पर विद्यालय में मौजूद होने का दावा, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड को बताया अहम साक्ष्य।
झूठे मुकदमे से सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने का आरोप, एसएसपी से निष्पक्ष जांच की अपील।
संवाददाता : संजय कुमार
निजामाबाद/आजमगढ़। थाना निजामाबाद में एक शिक्षक के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। संबंधित शिक्षक संजय कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ को प्रार्थना-पत्र देकर प्रकरण की निष्पक्ष पुनः विवेचना की मांग की है। शिक्षक का कहना है कि जिस समय की घटना दर्शाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, उस समय वे अपने विद्यालय में उपस्थित थे, जिसका स्पष्ट प्रमाण बायोमेट्रिक उपस्थिति रिकॉर्ड एवं उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 मार्च 2025 को सुबह लगभग 8 बजे की कथित घटना के आधार पर थाना निजामाबाद में मुकदमा संख्या 0097/2025 दर्ज किया गया। जबकि शिक्षक का दावा है कि उन्होंने उसी दिन सुबह 7:48 बजे अपने विद्यालय सेंट्रल पब्लिक स्कूल, जाफरपुर, आजमगढ़ में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई थी। ऐसे में घटना स्थल पर उनकी मौजूदगी संभव नहीं है।
शिक्षक ने अपने प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि प्रारंभिक विवेचना के दौरान पुलिस को बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर एवं विद्यालय स्टाफ से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराए गए थे, इसके बावजूद विवेचना अधिकारी द्वारा ठोस एवं तकनीकी साक्ष्यों की अनदेखी करते हुए एकपक्षीय कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि यह कार्यवाही दबाव व दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है।
प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिक्षक होने के साथ-साथ वह एक पत्रकार भी हैं, और झूठे मुकदमे के कारण उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा, सेवा जीवन एवं मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने मांग की है कि मामले की पुनः विवेचना किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए, विद्यालय परिसर से बायोमेट्रिक रिकॉर्ड को विधिवत साक्ष्य के रूप में संकलित किया जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से यह भी अनुरोध किया है कि यदि जांच में वह निर्दोष पाए जाते हैं तो उनका नाम तत्काल प्रभाव से मुकदमे से हटाया जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


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