आजमगढ़ : श्रद्धा और सामाजिक समरसता के साथ खैरूद्दीनपुर गांव में मनाई गई संत रविदास जयंती।

डॉक्टर दीपक राव ने कहा कि संत रविदास ने अपने विचारों से समाज में फैले जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया।
आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के खैरूद्दीनपुर गांव में भक्ति आंदोलन के महान संत शिरोमणि रविदास महाराज की 649वीं जयंती श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गांव में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद गांव की गलियों में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जहां श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए “संत रविदास अमर रहें” के जयकारे लगाते नजर आए। शोभायात्रा में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
सभा को संबोधित करते हुए डॉक्टर दीपक राव ने कहा कि संत रविदास ने अपने विचारों से समाज में फैले जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने “मन चंगा तो कठौती में गंगा” के माध्यम से आत्मशुद्धि, समानता और मानवता का मार्ग दिखाया, जो आज भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सामाजिक समरसता व भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को संत रविदास के आदर्शों से जोड़ने में मदद मिलती है। संत रविदास जयंती के अवसर पर खैरूद्दीनपुर गांव का माहौल पूरे दिन भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा। इस अवसर पर हजारेमलपुर से मिठाईलाल बौद्ध और मुइया अली से महाजन (पूर्व प्रधान प्रतिनिधि) अपने ग्रामवासियों के साथ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पल्टन राम, सूर्यबलि, चंद्रबलि, सत्यम कुमार, अमर सिंह, प्रिंस, अभिषेक, करन सहित अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी रही।

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