निष्पक्षता के आरोपों पर बोले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।

सदन 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
माइक बंद करने के आरोपों का किया खंडन, नियमों के पालन पर दिया जोर।
नई दिल्ली। लोकसभा में निष्पक्षता को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि संसद देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के रूप में उनका हमेशा प्रयास रहा है कि सदन का प्रत्येक सदस्य तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार अपनी बात रख सके और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन हो।
ओम बिरला ने कहा कि संसद की कार्यवाही निर्धारित नियमों और परंपराओं के तहत चलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में किसी भी तस्वीर, मुद्रित सामग्री, उद्धरण या दस्तावेज़ को प्रस्तुत करने से पहले अध्यक्ष की अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन विपक्ष के कुछ सदस्यों ने इस नियम का पालन नहीं किया। ऐसे में सदन की गरिमा और नियमों को बनाए रखने के लिए उन्हें कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े।
माइक बंद करने के आरोपों को खारिज करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अध्यक्ष के पास किसी सदस्य का माइक नियंत्रित करने के लिए कोई बटन नहीं होता। उन्होंने बताया कि सदस्यों को बोलने का अवसर उनकी निर्धारित बारी के अनुसार दिया जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो सदस्य सदन की कार्यवाही में भाग लेने से हिचकिचाते हैं, उन्हें हमेशा चर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय नियमों का सम्मान करते हुए सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करें।

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