होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर IRGC की चेतावनी, वैश्विक तेल सप्लाई पर बढ़ी चिंता।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर की आशंका, ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी धमकी।
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। हालात को देखते हुए केंद्र की भारत सरकार ने तेल आपूर्ति की स्थिति पर एक अहम बैठक की है। इस बीच इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉप्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा है कि स्ट्राइट ऑफ़ होरमुझ से गुजरने वाले जहाजों को कुछ शर्तों के साथ ही सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। IRGC के मुताबिक केवल उन्हीं अरब और यूरोपीय देशों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति होगी, जो अपने यहां से इजरायली और अमेरिकी राजदूतों को हटाएंगे।
यह जलमार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर रोजाना होने वाली लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। भारत के लिए भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है, जो इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों से आता है। इतना ही नहीं, भारत की करीब 80 से 85 प्रतिशत एलपीजी भी इसी समुद्री मार्ग से आती है।
इधर अमेरिका की ओर से भी कड़ा रुख सामने आया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ पहले से कहीं अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिस पर भारत सरकार भी लगातार नजर बनाए हुए है।
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