आजमगढ़ : संसद में धर्मेंद्र यादव ने उठाया जातीय जनगणना का मुद्दा।

गजट अधिसूचना में ओबीसी कॉलम न होने पर जताई चिंता।
पिछड़ा वर्ग का अलग कॉलम जोड़ने की सरकार से की मांग।
संवाददाता -राकेश गौतम 
आजमगढ़ : सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद में जातीय जनगणना का मुद्दा उठाते हुए सरकार से महत्वपूर्ण सवाल किया। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना का निर्णय सामाजिक, वास्तविक और आर्थिक आंकड़ों के संकलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके बाद जारी अधिसूचना में पिछड़ा वर्ग से संबंधित कोई भी पृथक कॉलम शामिल नहीं किया गया है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि जातिगत जनगणना में ही पिछड़ी जातियों का स्पष्ट वर्गीकरण नहीं होगा तो इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ही संदिग्ध हो जाएगा। उनके अनुसार पिछड़ा वर्ग देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और इनके सटीक आंकड़ों के बिना न तो नीतियों का वैज्ञानिक निर्धारण संभव है और न ही सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि यह स्थिति सामाजिक न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गजट अधिसूचना में ओबीसी कॉलम को शामिल न करने का कारण स्पष्ट किया जाए और अधिसूचना में संशोधन कर पिछड़ा वर्ग के लिए स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए, ताकि जातिगत जनगणना का उद्देश्य सही मायनों में पूरा हो सके।

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