Breking News : सरकार की नीतियों पर मायावती का तीखा हमला, जनहित की अनदेखी का लगाया आरोप।

महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता पर घेरा, संगठन मजबूत करने के दिए निर्देश।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित बैठक के दौरान बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया। बैठक में पार्टी के राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे, जहां संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।
मायावती ने कहा कि सरकारें आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही हैं, जिससे बेरोजगारी, महंगाई और रोटी-रोजी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों को पहुंचाएं और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करें।
महंगाई और अंतरराष्ट्रीय हालात पर सरकार को घेरा-
उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसका सबसे अधिक असर गरीब और मेहनतकश वर्ग पर पड़ा है। ऐसे में सरकार को राहत देने के ठोस कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
आर्थिक नीतियों और आत्मनिर्भरता पर सवाल-
मायावती ने सवाल उठाया कि क्या देश केवल निजी क्षेत्र पर निर्भर होकर आत्मनिर्भर बन सकता है। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ सीमित वर्ग तक पहुंच रहा है, जबकि आम जनता इससे वंचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाया-
उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि कमजोर वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण नहीं मिलेगा, तो उनका वास्तविक सशक्तिकरण संभव नहीं है। इस दिशा में गंभीर पहल की आवश्यकता है। बैठक में मायावती ने स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन को मजबूत बनाकर ही जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा जा सकता है और आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।

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