ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम के लिए नया कदम, 2025 में 28 लाख से अधिक मामलों ने बढ़ाई चिंता
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए एक अहम प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ₹10,000 से अधिक के डिजिटल भुगतान पर 1 घंटे का कूलिंग पीरियड (देरी) लागू करने का सुझाव दिया गया है, ताकि संदिग्ध लेनदेन को समय रहते रोका जा सके। इस संबंध में आरबीआई ने “डिजिटल भुगतान में धोखाधड़ी रोकने के उपायों की पड़ताल” विषय पर एक चर्चा पत्र जारी किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर वर्ष 2025 में लगभग 28 लाख डिजिटल धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए, जिनमें लोगों को करीब 22,900 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
आरबीआई का मानना है कि बड़े भुगतान पर थोड़ी देरी से उपयोगकर्ताओं को लेनदेन की पुष्टि करने और संभावित धोखाधड़ी को पहचानने का समय मिलेगा। यह कदम डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है और इसे लागू करने से पहले विभिन्न पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे।
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