धर्मेंद्र यादव बोले—फुले का जीवन सामाजिक न्याय और समानता की मिसाल।
पीडीए को संगठित कर 2027 में बदलाव का संकल्प, भाजपा पर साधा निशाना।
संवाददाता -राकेश गौतम
आजमगढ़ : समाजवादी पार्टी कार्यालय पर महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में नेताओं ने उनके जीवन और विचारों को याद करते हुए सामाजिक समानता और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ज्योतिबा फुले का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जाति और लिंग के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और महिलाओं की शिक्षा एवं समानता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके द्वारा स्थापित “सत्यशोधक समाज” सामाजिक बदलाव का बड़ा केंद्र बना। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों के संघर्ष से प्रेरित होकर डॉ अम्बेडकर ने संविधान में दलितों और पिछड़ों के अधिकार सुनिश्चित किए। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अखिलेश यादव द्वारा दिए गए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे को मजबूत करने की बात कही और 2027 के चुनाव में बदलाव का संकल्प दोहराया। समाजवादी विचारक जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले ने मिलकर महिलाओं के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया और समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने की, जबकि संचालन अजीत कुमार राव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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