आजमगढ़ में मानवता की मिसाल: निशुल्क चिकित्सा शिविर में 540 मरीजों को मिला इलाज, पौध वितरण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।

स्व. राजा राम यादव की प्रथम पुण्यतिथि पर लगा स्वास्थ्य शिविर, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दीं अहम सलाहें।
आजमगढ़ : जिले के सम्मोपुर गांव में स्वर्गीय राजा राम यादव की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर राज होम्यो क्लीनिक के सहयोग से एक विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जहां कुल 540 मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निशुल्क जांच, परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नवीन दुबे ने स्वर्गीय राजा राम यादव एवं होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी चिकित्सकों और ग्रामीणों ने स्व. राजा राम यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
शिविर को संबोधित करते हुए डॉ. बी. पाण्डेय ने बदलते मौसम में फैलने वाली बीमारियों, विशेष रूप से चेचक जैसे संक्रमण से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और समय पर उपचार कराने की अपील की। वहीं डॉ. देवेश दुबे ने स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि नियमित साफ-सफाई और संतुलित जीवनशैली अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके अलावा डॉ. गिरीश सिंह, डॉ. एच. पी. त्यागी, डॉ. डीसी श्रीवास्तव और मोहम्मद अफजल ने भी मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण परामर्श दिए और जागरूक किया। शिविर में विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों की जांच कर उन्हें उपयुक्त दवाएं वितरित की गईं।
कार्यक्रम के आयोजक राजेश यादव ने सभी चिकित्सकों, होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश, दवा प्रतिनिधियों एवं उपस्थित ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ती है और लोगों में जागरूकता आती है। शिविर की एक विशेष पहल के तहत प्रत्येक मरीज को एक-एक फलदार एवं छायादार पौधा वितरित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और शिविर का लाभ उठाया। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य सेवा का माध्यम बना, बल्कि समाज में सेवा, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देने में सफल रहा।

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