आजमगढ़ : राष्ट्रीय इंटर कॉलेज तहबरपुर में अनियमितताओं की जांच की मांग, डॉ. राज नारायण राय ने उठाए गंभीर सवाल।

संस्थापक कमेटी के सदस्य ने कहा— विद्यालय की गरिमा और छात्रों के भविष्य से नहीं होना चाहिए खिलवाड़।
संवाददाता -अबुल कैश 
तहबरपुर/निजामाबाद। राष्ट्रीय इंटर कॉलेज तहबरपुर के संस्थापक कमेटी के पदाधिकारी स्वर्गीय विश्वनाथ राय के पुत्र एवं नई दिल्ली के सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निदेशक डॉ . राज नारायण राय ने सोमवार को तहबरपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विद्यालय के वर्तमान प्रबंधन तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की।
डॉ. राय ने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय विश्वनाथ राय ने शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के उच्च आदर्शों को ध्यान में रखते हुए इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था की स्थापना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में विद्यालय विभिन्न विवादों और कथित अनियमितताओं के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है, जो संस्थापक कमेटी की मूल भावना और क्षेत्र की शैक्षिक परंपराओं के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के पालन को लेकर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं। यदि समय रहते इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित होने के साथ-साथ विद्यार्थियों के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. राज नारायण राय ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारी निजामाबाद को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि संस्था की गरिमा एवं शैक्षिक वातावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
डॉ. राय ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता बनाए रखना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है तथा इस मामले में पारदर्शी जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

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