पुलिस में मुठभेड़ शातिर पशु लुटेरा के पैर में गोली लगने से घायल, ₹97,500 बरामद।

संवाददाता: योगेश कुमार 
मुज़फ्फरनगर: रामनगर तिराहे पर देर रात हुई फायरिंग, साथी फैजान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार; पिता-पुत्र को बंधक बनाकर लूटी गई भैंसों को बेचकर कमाए थे पैसेखतौली: थाना खतौली पुलिस ने क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज पशु लूट की वारदात का महज़ कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। देर रात रामनगर तिराहे के पास हुई एक तीखी पुलिस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पैर में गोली लगने से घायल एक शातिर अंतरजनपदीय बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से लूटे गए पशुओं को बेचकर मिली रकम में से ₹97,500 नकद, एक अवैध तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी बरामद हुई है। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार कांबिंग कर रही है।क्षेत्राधिकारी (CO) खतौली रूपाली राव ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि बीते 11 जून की रात को ग्राम रसूलपुर कैलोरा निवासी सुखपाल के घेर (पशुशाला) में कुछ अज्ञात हथियारबंद बदमाश घुस आए थे। बदमाशों ने वहां सो रहे सुखपाल और उनके पुत्र को अवैध हथियारों के बल पर डरा-धमकाकर बंधक बना लिया था। इसके बाद बेखौफ बदमाश घेर में बंधी दो दुधारू भैंस और उनके दो बच्चों (कटड़ों) को जबरन खोलकर अपनी पिकअप गाड़ी में लादकर रफूचक्कर हो गए थे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पीड़ित परिवार की तहरीर पर थाना खतौली में पशु लूट का मुकदमा दर्ज किया गया था।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा के सख्त निर्देशन और एसपी सिटी अमृत जैन के करीबी पर्यवेक्षण में लुटेरों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थींगुरुवार की देर रात खतौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दिनेश चन्द्र अपनी टीम के साथ रामनगर तिराहे पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच एक मुखबिर ने सटीक सूचना दी कि रसूलपुर कैलोरा में हुई पशु लूट की वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी में सवार कुछ शातिर बदमाश किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में क्षेत्र में घूम रहे हैं।सूचना के कुछ ही देर बाद पुलिस टीम को एक संदिग्ध पिकअप आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर सीधे जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुई गोलीबारी में पुलिस टीम के सदस्य बाल-बाल बचे। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों के रास्ते फरार हो गया।पुलिस अभिरक्षा में लिए गए घायल बदमाश की पहचान उस्मान पुत्र इसरार निवासी मोहल्ला शेखान, सरधना (मेरठ) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में मॉडल टाउन सरधना में रह रहा था। मौके से फरार हुए उसके साथी का नाम फैजान पुत्र इस्तयाक निवासी खिवाई, थाना सरूरपुर (मेरठ) बताया गया है।
गहन पूछताछ में घायल बदमाश उस्मान ने कुबूल किया कि उनका एक संगठित गिरोह है। उन्होंने रसूलपुर कैलोरा से लूटी गई एक भैंस और उसके बच्चे को एक पशु पैठ (बाजार) में ₹1.02 लाख में बेच दिया था, जबकि दूसरी भैंस को उसका फरार साथी फैजान अपने साथ ले गया था। पुलिस द्वारा बरामद किए गए ₹97,500 इसी बिक्री की रकम का हिस्सा हैं, जबकि बाकी के पैसे उन्होंने खर्च कर दिए थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार उस्मान एक बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी है, जिस पर मेरठ, गाजियाबाद सहित विभिन्न थानों में चोरी, लूट और विद्युत अधिनियम के तहत 8 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
सराहनीय कार्य करने वाली इस पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक दिनेश चन्द्र के साथ उपनिरीक्षक धर्मवीर कर्दम, प्रदीप नारायण, अनवार अली और अन्य कांस्टेबल शामिल रहे। एसएसपी ने इस त्वरित और सफल कार्रवाई के लिए पूरी टीम की पीठ थपथपाई है।

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