मुजफ्फरनगर: खतौली के खेत में मिले गोवंश अवशेष, फैली सनसनी, गोकशी की आशंका पर जांच में जुटी पुलिस।

 संवाददाता : योगेश कुमार 
खतौली (मुजफ्फरनगर)। खतौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव शेखपुरा में सोमवार सुबह उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब एक खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में गोवंशों के अवशेष पड़े हुए मिले। इस घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पशु संरक्षण कार्यकर्ता भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई करने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 'एलआईसी एनिमल्स वेलफेयर' संस्था के संस्थापक पुनीत अरोरा को सोमवार सुबह स्थानीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि शेखपुरा क्षेत्र के एक खेत में गोवंशों के अवशेष पड़े हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने बिना देर किए संस्था की एक विशेष टीम को तत्काल मौके पर रवाना किया। टीम के सदस्यों ने जब घटनास्थल का मुआयना किया, तो वहां कई गोवंशों के अवशेष बिखरे पड़े थे, जिससे प्रथम दृष्टया गोकशी किए जाने की प्रबल आशंका व्यक्त की जा रही है।घटनास्थल पर संस्था से जुड़े अभिनव यादुवंशी, अनमोल रावत, पंकज भूटानी और गौरी शंकर सहित अन्य प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मांग की कि मामले की गहनता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।मामले के उग्र होने की आशंका को देखते हुए संस्था के पदाधिकारियों ने तुरंत स्थानीय कोतवाली पुलिस को मामले की लिखित व मौखिक सूचना दी। गोवंश के अवशेष मिलने की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई। आनन-फानन में पुलिस टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल को अपने घेरे में लेकर बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने तत्काल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आसपास के खेतों के स्वामियों व ग्रामीणों से पूछताछ कर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही है।एलआईसी एनिमल्स वेलफेयर के पदाधिकारियों ने इस घटना पर गहरा रोष प्रकट करते हुए कहा कि गोवंशों के प्रति इस प्रकार की क्रूर और अवैध घटनाएं समाज में शांति और सौहार्द के लिए चिंता का विषय हैं। यदि समय रहते ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके हौसले और अधिक बुलंद हो सकते हैं। दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम व अन्य सुसंगत धाराओं के तहत जांच के आधार पर आगे की कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ