प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल बोले— 2027 में मायावती को फिर मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लेकर निकला है यह जनसैलाब।
पूर्व विधायक एवं उद्योगपति जितेंद्र सिंह बबलू की घर वापसी से कार्यकर्ताओं में उत्साह, कई सीटों पर बसपा को मिल सकती है नई मजबूती।
अयोध्या। सोमवार को बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी द्वारा आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन और शक्ति प्रदर्शन ने जिले की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल की मौजूदगी में हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान बसपा नेता एवं पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू का जोरदार स्वागत किया गया और उनके समर्थन में अभूतपूर्व जनसमर्थन देखने को मिला।
अयोध्या की सड़कों पर निकले विशाल वाहन काफिले ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। समर्थकों के अनुसार काफिले में लगभग 3 हजार चार पहिया वाहन और करीब 6 हजार दो पहिया वाहन शामिल रहे। जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और नारों के साथ बबलू सिंह का स्वागत किया। पूरा क्षेत्र बसपा के झंडों और नारों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि बीकापुर में उमड़ा यह जनसैलाब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को दोबारा उत्तर प्रदेश की सत्ता में स्थापित करने का संकल्प लेकर आया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जितेंद्र सिंह बबलू का राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। बबलू सिंह वर्ष 2007 से 2012 तक बहुजन समाज पार्टी सरकार में विधायक रह चुके हैं। एक सफल उद्योगपति होने के साथ-साथ वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। क्षेत्रीय जनता के बीच उनकी पहचान ऐसे जनप्रतिनिधि की रही है जो लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए तत्पर रहते हैं। समर्थकों का कहना है कि बबलू सिंह आज भी आम जनता के फोन उठाकर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करते हैं, जिसके कारण उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बबलू सिंह के बसपा से सक्रिय रूप से जुड़ने और संभावित रूप से चुनाव मैदान में उतरने से केवल बीकापुर ही नहीं, बल्कि आसपास की लगभग एक दर्जन विधानसभा सीटों पर भी पार्टी को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। उनके प्रभाव क्षेत्र और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए बसपा को नई ऊर्जा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में लगभग 40 हजार लोगों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम स्थल पूरी तरह समर्थकों से खचाखच भरा रहा और लंबा वाहन काफिला क्षेत्र की सड़कों पर बसपा की ताकत का प्रदर्शन करता नजर आया। कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया कि पार्टी एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। सम्मेलन के दौरान "हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा विष्णु महेश है" सहित कई पारंपरिक नारे गूंजते रहे। बीकापुर में हुए इस शक्ति प्रदर्शन ने यह संकेत देने का प्रयास किया कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ने की तैयारी में जुट चुकी है और क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रही है।
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