आजमगढ़ : मुहर्रम के अवसर पर अमोड़ा मोड़–विंद्राबाजार के बीच सजा पारंपरिक मेला, शाम सात बजे तक उमड़ी लोगों की भीड़।

इमाम हुसैन की शहादत की याद में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ लगा मेला, पुलिस व्यवस्था रही चाक-चौबंद, शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ आयोजन

आजमगढ़ : आज मुहर्रम के अवसर पर जनपद के अमोड़ा मोड़ और विंद्राबाजार के बीच पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही मेले में आसपास के गांवों और कस्बों से लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। शाम करीब सात बजे तक मेले में अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और युवाओं ने मेले में लगे झूलों का आनंद लिया तथा खिलौने, मिठाइयां, चाट, फास्ट फूड, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और अन्य सामान की दुकानों पर खरीदारी की।

मुहर्रम इस्लाम धर्म में इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला पवित्र महीना है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर ताज़िया, मजलिस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। क्षेत्र की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार अमोड़ा मोड़–विंदरा बाजार के बीच भी धार्मिक आयोजनों के साथ पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मेले में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला। मेले में बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले और मनोरंजन के साधन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं खानपान की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। ग्रामीण परिवारों ने मेले का आनंद लेने के साथ-साथ जरूरत के सामान की भी खरीदारी की। मेले को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे मेला परिसर में पुलिस बल मुस्तैदी के साथ तैनात रहा। पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। पुलिस की सतर्कता और प्रशासन की निगरानी के चलते शाम सात बजे तक मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में चलता रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। यह पारंपरिक मेला वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। हर वर्ष मुहर्रम के अवसर पर लगने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और आपसी सौहार्द, भाईचारे तथा सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।

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