महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 120वीं जयंती पर प्रयास सामाजिक संगठन ने किया श्रद्धांजलि समारोह।

देशभक्ति, त्याग और बलिदान के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प।
आजमगढ़। महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की 120वीं जयंती गुरुवार को प्रयास सामाजिक संगठन के मंडल कार्यालय नरौली में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राणा बलबीर सिंह ने की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. बीरेंद्र पाठक ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को वर्तमान मध्य प्रदेश के भाभरा गांव में हुआ था, जिसे आज 'चंद्रशेखर आज़ाद नगर' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की आजादी के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज़ाद ने अंग्रेजों के हाथ जीवित न आने की प्रतिज्ञा निभाते हुए अपने प्राण मातृभूमि पर न्यौछावर कर दिए।
राजीव शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस से घिर जाने पर चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी अंतिम गोली स्वयं को मारकर अपनी प्रतिज्ञा निभाई और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमर हो गए।
कार्यक्रम में ई. सुनील यादव, रणजीत सिंह, धनश्याम मौर्य, शिव प्रसाद पाठक, शम्भु दयाल सोनकर, ई. अमित, रामकेश यादव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने युवाओं से चंद्रशेखर आज़ाद के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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