मुजफ्फरनगर में चलती रोडवेज बस में धमाके के साथ लगी भीषण आग, ड्राइवर की सूझबूझ से 40 यात्रियों की बची जान।

संवाददाता - योगेश कुमार 
मुज़फ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब मुज़फ्फरनगर से मेरठ जा रही वैशाली डिपो की सीएनजी रोडवेज बस में वहलना चौक कट के पास अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में बस धू-धू कर जलने लगी, लेकिन चालक और परिचालक की सतर्कता और त्वरित सूझबूझ के चलते बस में सवार करीब 40 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यात्रियों के उतरते ही बस में जोरदार धमाका हुआ और पूरी बस आग की लपटों में घिर गईप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस सामान्य गति से दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मेरठ की ओर जा रही थी। जैसे ही बस वहलना कट के पास पहुंची, चालक और परिचालक को बस से धुआं और आग निकलने का आभास हुआ। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने तत्काल बस को सड़क किनारे रोका और परिचालक के साथ मिलकर सबसे पहले महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दियायात्रियों के बस से उतरते ही कुछ ही क्षण बाद बस में तेज धमाका हुआ और आग ने देखते ही देखते पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही मंसूरपुर थाना पुलिस, शहर कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर यातायात रोक दिया, जबकि दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थीबस में आग लगने के कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे पर लंबा जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस ने क्रेन की सहायता से जली हुई बस को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सकाबस में सवार खुबापुर निवासी सतीश 'भगत जी' ने बताया कि वह महावीर चौक से बस में सवार हुए थे। वहलना कट पर पहुंचते ही बस में अचानक आग लग गई। चालक और परिचालक ने बिना घबराए सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार दिया। उन्होंने बताया कि जैसे ही सभी लोग बस से बाहर निकले, तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ, जिससे वहां मौजूद लोग सहम गए। उनका कहना था कि यदि कुछ मिनट की भी देरी हो जाती तो यह हादसा बड़ी जनहानि में बदल सकता था।घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। चालक और परिचालक की सतर्कता और साहस की हर कोई सराहना कर रहा है, जिनकी त्वरित कार्रवाई से करीब 40 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई

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