संवाददाता - योगेश कुमार
मेरठ। जनपद के बहुचर्चित कलेक्ट्रेट बवाल मामले में जेल की हवा खा चुके आरोपी रवि गौतम की कानूनी और पारिवारिक मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को रवि गौतम के सगे रिश्तेदारों ने मेरठ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पीड़ितों ने एसएसपी से मुलाकात कर रवि गौतम के खिलाफ दबंगई करने, जमीन हड़पने का प्रयास करने और बेहद संगीन पारिवारिक व सामाजिक मर्यादाओं के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गुहार लगाई है।एसएसपी कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपने वालों में आरोपी रवि गौतम के सगे जीजा और उनके जीजा की बहन शामिल हैं। शिकायती पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि रवि गौतम अपनी आपराधिक छवि और दबंगई के बल पर लंबे समय से उनकी कीमती जमीन को अवैध रूप से हड़पने का कुत्सित प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही, पीड़ितों ने रवि गौतम पर सामाजिक व पारिवारिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाले और अपनी ही विवाहिता सगी बहन के जीवन से जुड़े कुछ बेहद संगीन व आपत्तिजनक आरोप भी लगाए हैंशिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया कि इस पूरे उत्पीड़न और विवाद के संबंध में उन्होंने सबसे पहले पड़ोसी जनपद गाजियाबाद पुलिस से लिखित शिकायत कर न्याय की मांग की थी। परंतु, वहां की स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में कोई ठोस या प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। गाजियाबाद पुलिस के ढुलमुल रवैये से परेशान होकर ही उन्हें मजबूरन मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे के समक्ष उपस्थित होकर मामले में सीधे हस्तक्षेप करने और न्याय दिलाने की गुहार लगानी पड़ी हैएसएसपी कार्यालय के प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पीड़ितों द्वारा शिकायती पत्र में लगाए गए अधिकांश आरोप और घटनास्थल गाजियाबाद जिले के पुलिस क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आते हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेरठ पुलिस ने तत्परता दिखाई है और पूरे प्रकरण की जमीनी हकीकत जानने व साक्ष्य संकलन के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों की एक टीम को गाजियाबाद रवाना किया जा रहा है।इस हाई-प्रोफाइल मामले के संबंध में जानकारी देते हुए मेरठ के एसपी ट्रैफिक ने बताया कि पीड़ितों की ओर से एक गंभीर प्रकृति की शिकायत प्राप्त हुई है, जिसे आवश्यक विधिक कार्रवाई और त्वरित जांच के लिए संबंधित जिले (गाजियाबाद) की पुलिस इकाई को अधिकारिक तौर पर फॉरवर्ड कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि आरोप बेहद गंभीर और पारिवारिक रंजिश से जुड़े हैं, इसलिए तथ्यों और उपलब्ध तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरी तरह निष्पक्ष जांच की जाएगी। वर्तमान में इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है; गाजियाबाद और मेरठ पुलिस की संयुक्त जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपी रवि गौतम के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
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