आजमगढ़ : जन्मदिवस पर प्रदीप कुमार सहाय की अनूठी पहल, विशाल रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसैलाब।

सहाय चैरिटेबल ट्रस्ट के आयोजन में युवाओं ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान, मानव सेवा का दिया संदेश।
----------------------------------------
रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित, समाज में नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का लिया संकल्प।
आजमगढ़। सहाय चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सोमवार को सिहींगढ़ स्थित आराजी देवारा करखिया में समाजसेवी एवं आयोजक प्रदीप कुमार सहाय के जन्मदिवस के अवसर पर विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा और जनकल्याण का वातावरण देखने को मिला।https://www.instagram.com/mani_sh11167?igsh=MTI0czZydm42NjVvNA==
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी स्वेच्छा से रक्तदान किया। चिकित्सकीय टीम की देखरेख में सभी आवश्यक स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए रक्त संग्रह की प्रक्रिया पूरी की गई। शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
इस अवसर पर प्रदीप कुमार सहाय ने कहा कि उनका उद्देश्य जन्मदिन को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे जनसेवा और मानव कल्याण के संकल्प के रूप में मनाना है। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है, क्योंकि एक यूनिट रक्त जरूरतमंद तीन लोगों तक की जान बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को प्रमाणपत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने चिकित्सकीय टीम, स्वयंसेवकों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी जनहित और मानव सेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जीवनदान देने की इस मुहिम से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ा मानवीय योगदान है। समय पर उपलब्ध रक्त कई गंभीर मरीजों के लिए नई जिंदगी का कारण बनता है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम का समापन मानवता, सेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण के संदेश के साथ हुआ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ