बड़ी खबर : जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर सियासत तेज, विपक्ष ने उठाए सवाल।

38 भवनों पर कार्रवाई का अल्टीमेटम, सपा ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध; विपक्षी दलों के रुख पर भी उठे सवाल।
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की जांच के बाद विश्वविद्यालय परिसर में बने 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम जारी किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।https://www.instagram.com/reel/Da3uJKXz-OB/?igsh=OGRseGoyNHp1aWEw सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि जौहर यूनिवर्सिटी का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था और इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता रहा है। प्रस्तावित कार्रवाई से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
इधर, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस प्रकार समाजवादी पार्टी अन्य मुद्दों पर आंदोलन करती रही है, उसी तरह यदि वह इस मामले को महत्वपूर्ण मानती है तो उसे सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराना चाहिए। इन कार्यकर्ताओं का सवाल है कि क्या सपा नेतृत्व आज़म खान के इस प्रोजेक्ट के समर्थन में कोई बड़ा आंदोलन करेगा। हालांकि, यह राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप हैं, जिन पर संबंधित दलों की अलग-अलग राय है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगामी दिनों में समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर क्या राजनीतिक रणनीति अपनाती है।

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