बोले— यह छात्रों और नौजवानों की लड़ाई है, उनकी आवाज सदन में उठाई जानी चाहिए।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और नौजवानों के भविष्य की है।
अखिलेश यादव ने कहा, "यह मुद्दा युवाओं, छात्र और नौजवानों का है। क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? युवाओं के लिए सदन में क्यों नहीं बोल सकते हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा करने के बजाय उनके साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छात्रों और युवाओं की आवाज संसद में सुनी जाए तथा उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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