निजामाबाद और मुबारकपुर पुलिस की साइबर टीम की त्वरित कार्रवाई, डिजिटल अरेस्ट और पासपोर्ट अपडेट के नाम पर हुई थी ठगी…।
आजमगढ़। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड के दो मामलों में पीड़ितों की कुल 21,640 रुपये की धनराशि वापस कराई है। यह कार्रवाई थाना निजामाबाद और थाना मुबारकपुर की साइबर टीम ने की।
निजामाबाद में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी: थाना निजामाबाद क्षेत्र की बारीखास निवासी मुस्लिहा के साथ 30 अक्टूबर 2025 को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी कर 11 हजार रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। पीड़िता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर NCRP पोर्टल के माध्यम से ठगी की रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराया गया। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पूरी 11 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता के खाते में वापस करा दी।
मुबारकपुर में लिंक भेजकर हुई ठगी: थाना मुबारकपुर क्षेत्र के पूरारानी गांव निवासी आयशा खातून के साथ 17 अक्टूबर 2025 को पासपोर्ट का पता अपडेट करने के नाम पर अज्ञात व्यक्ति ने लिंक भेजकर साइबर फ्रॉड किया। इस दौरान उनके खाते से कुल 99,600 रुपये कट गए। पीड़िता ने तत्काल 1930 और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। कार्रवाई के दौरान 67,075.35 रुपये होल्ड कराए गए, जिसमें से 10,640 रुपये पीड़िता को वापस करा दिए गए। शेष धनराशि के संबंध में विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की-
आजमगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अज्ञात कॉल, लिंक, मैसेज या ऐप पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। बैंक खाता, OTP, UPI PIN जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों पर विश्वास न करने और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को होल्ड कराकर वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर टीम में शामिल: निजामाबाद टीम में उपनिरीक्षक दिलीप आनंद, कांस्टेबल राकेश यादव, संदेश सिंह और महिला आरक्षी रेनू देवी शामिल रहीं। वहीं मुबारकपुर टीम में उपनिरीक्षक विधनेश वर्मा, महिला कांस्टेबल प्रियंका तिवारी और कांस्टेबल विवेक चौहान ने कार्रवाई में सहयोग किया।
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