तहबरपुर के पास से गुजरने वाली खंड-32 नहर में पानी का इंतजार, टेल क्षेत्र के कई गांवों के किसानों में नाराजगी।
खेतों में धान की रोपाई पूरी, बारिश के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं; नहर में घास-पतवार का अंबार होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित।
संवाददाता- रमेश चंद्र यादव
निजामाबाद (आजमगढ़)। विकासखंड तहबरपुर के पास से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड-32 नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की रोपाई पूरी होने के बाद फसल को पर्याप्त पानी की आवश्यकता है, लेकिन नहर सूखी पड़ी है। क्षेत्र में बारिश हो रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि धान के खेतों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों के अनुसार धान की रोपाई के बाद फसल को नियमित सिंचाई की जरूरत होती है। बारिश पर्याप्त नहीं होने की स्थिति में नहर का पानी किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। नहर में पानी नहीं होने से टेल क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। खबर लिखे जाने तक नहर में पानी नहीं छोड़ा गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर में जगह-जगह घास और जलकुंभी समेत अन्य वनस्पतियों का जमावड़ा है। उनका आरोप है कि नहरों की सफाई समय से नहीं होने के कारण पानी के प्रवाह में भी परेशानी आती है। किसानों का कहना है कि जब फसल को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी समय नहरों की सफाई और पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नहर के टेल क्षेत्र में आने वाले बिसौली, अंवती रमनपुर, औरंगाबाद, मकबूलपुर, नेपुरा, नसरुद्दीनपुर, किशुंदासपुर, लाडवा, दासोपट्टी, टेकमलपुर, सोफीपुर, चक मजनू, अंबारी और रसूलपुर समेत कई गांवों के किसान सिंचाई व्यवस्था को लेकर चिंतित बताए जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। खाद, बीज, डीजल और मजदूरी पर खर्च करने के बाद यदि समय पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं हुई तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है। बारिश होने के बावजूद खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने संबंधित सिंचाई विभाग और प्रशासन से नहर की स्थिति का निरीक्षण कराने, घास-पतवार की सफाई कराने तथा जल्द से जल्द नहर में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन की स्थिति बन सकती है।
स्थानीय संवाददाता रमेश चंद्र यादव के अनुसार, किसानों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया है। उनका कहना है कि किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से नहर में पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि धान की फसल को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
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