मुजफ्फरनगर। खतौली थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसी में सामने आए युवक अतुल हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। थाना खतौली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने महज छह घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का शव और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है। मामले में पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एसएसपी के मुताबिक हत्या के पीछे करीब तीन माह से चली आ रही रंजिश सामने आई है। आरोप है कि मृतक अतुल आरोपी सोनू के बड़े भाई और छोटी बहन के बारे में गांव में कथित रूप से गलत बातें कहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी विवाद हुआ था
लापता होने की शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार 8 सितंबर 2026 को ग्राम भैंसी निवासी कपिल पुत्र संतरपाल ने थाना खतौली में तहरीर देकर बताया कि उसके भाई को सोनू पुत्र अजयपाल और तालिब पुत्र दिलशाद ने हत्या करने के उद्देश्य से गायब कर दिया है। तहरीर के आधार पर थाना खतौली में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और लापता युवक की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए संभावित स्थानों पर तलाश और पूछताछ शुरू कीछह घंटे के भीतर दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले में नामजद दोनों आरोपी कहीं भागने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने नावला-भैंसी मार्ग पर पुलिया के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू पुत्र अजयपाल, निवासी ग्राम भैंसी, थाना खतौली, तालिब पुत्र दिलशाद, निवासी ग्राम भैंसी, थाना खतौली के रुप में हुई। पुलिस का दावा है कि दोनों से पूछताछ के बाद हत्या से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।पूछताछ में सामने आई हत्या की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी सोनू ने बताया कि उसकी मृतक अतुल से पहले दोस्ती थी। हालांकि बाद में अतुल द्वारा उसके बड़े भाई बबलू और छोटी बहन सोनम के बारे में कथित तौर पर गांव में गलत बातें कहे जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।बपुलिस के मुताबिक करीब तीन माह पहले भी सोनू और अतुल के बीच इसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बावजूद आरोपी के अनुसार अतुल लगातार उसके भाई-बहन के बारे में बातें करता रहा। इसी रंजिश ने बाद में हत्या की साजिश का रूप ले लिया।बीयर पीते समय बनाई हत्या की योजना
पुलिस के मुताबिक सोनू ने अपने साथी तालिब के साथ मिलकर 28 अगस्त को तिगाई स्थित शराब ठेके पर बीयर पीते समय अतुल की हत्या की योजना बनाई। इसके अगले दिन यानी 29 अगस्त 2026 को तालिब ने सोनू को भैंसी गांव स्थित एक कारखाने पर बुलाया। पुलिस के अनुसार वहां अतुल भी मौजूद था। सोनू अपनी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा और दोनों आरोपियों ने अतुल को अमरूद खिलाने के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार कर लिया।मोटरसाइकिल से ले गए, फिर खेत में की हत्या।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अतुल को मोटरसाइकिल से हाईवे किनारे पॉपलर के बाग के पास ले गए। इसके बाद उसे खेतों के अंदर ले जाया गया। आरोप है कि वहां आंवले के पेड़ के नीचे अतुल का गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक हत्या की पुष्टि करने के लिए सोनू ने चाकू से अतुल की गर्दन पर वार किया। इसके बाद आरोपियों ने शव और चाकू को ईंख के खेत में छिपा दिया। घटना के बाद दोनों आरोपी मृतक का मोबाइल भी अपने साथ ले गए।मोबाइल तोड़कर नाले में फेंका
पुलिस के अनुसार वापस लौटते समय सोनू ने अतुल का मोबाइल फोन तोड़ दिया और उसे भैंसी वाले नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।नइसके बाद दोनों आरोपी सामान्य रूप से घूमते रहे और पुलिस से बचने का प्रयास करते रहेमृतक के परिजनों के साथ पुलिस कार्यालय भी पहुंचा था आरोपी।
इस हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी सोनू के व्यवहार से जुड़ी एक चौंकाने वाली बात भी बताई है। पुलिस के अनुसार जब अतुल की तलाश की जा रही थी और उसके परिजन पुलिस कार्यालय पहुंचे थे, उस दौरान आरोपी सोनू भी उनके साथ मौजूद रहा। पुलिस का कहना है कि सोनू ऐसा इसलिए कर रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो और वह अपनी संलिप्तता छिपाकर पुलिस एवं मृतक के परिजनों को गुमराह कर सके।निशानदेही पर शव और चाकू बरामद।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक उनकी निशानदेही पर मृतक अतुल का शव तथा हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है जिसमें एक आलाकत्ल चाकू, एक मोटरसाइकिल, आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का शव है।
हत्या समेत इन धाराओं में मुकदमा पुलिस ने मामले में मुकदमा संख्या 291/2026 दर्ज किया है। मुकदमे में धारा 140(1), 103(1), 238, 3(5) बीएनएस तथा 3(2)(V) एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।एसएसपी के पर्यवेक्षण में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन, मेरठ और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राय और थाना प्रभारी खतौली दिनेश चन्द्र के नेतृत्व में थाना खतौली पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
हत्याकांड के खुलासे में थाना खतौली और एसओजी के साथ सर्विलांस टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दिनेश चन्द्र बघेल, सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार बालियान, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित चौधरी, उपनिरीक्षक अनिल तोमर, ललित कुमार, लक्ष्यदीप सिंह और संजय तोमर समेत हेड कांस्टेबल मुनीश शर्मा, विकास चौधरी तथा कांस्टेबल सोबिर तेवतिया और विकास तोमर शामिल रहे।तीन माह की रंजिश ने ले ली जान।
पुलिस की पूछताछ में सामने आई कहानी के मुताबिक एक समय मृतक अतुल और आरोपी सोनू के बीच दोस्ती थी, लेकिन भाई-बहन के बारे में कथित टिप्पणी को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। करीब तीन माह तक चली रंजिश आखिरकार हत्या की साजिश में बदल गई। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पहले हत्या की योजना बनाई, फिर बहाने से अतुल को अपने साथ ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में छिपाकर फरार होने की तैयारी में थे।
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