डाटा एंट्री ऑपरेटर पर विभागीय विवाद में हमला करने का आरोप, पुलिस से कार्रवाई न होने पर न्यायालय पहुंचे पीड़ित…
संवाददाता -राकेश गौतम
आजमगढ़। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय में तैनात जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने एक डाटा एंट्री ऑपरेटर पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस स्तर पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के निर्देश के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आराजीबाग निवासी मृत्युंजय सिंह कश्यप के अनुसार वह क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय में जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि 21 मई 2026 को कार्यालय में विभागीय विवाद को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रशांत पांडेय से कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान प्रशांत पांडेय ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए लात, मुक्के और थप्पड़ से मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित ने बताया कि स्थिति से बचने के लिए वह डॉ. राजेश कुमार के चैंबर में चले गए, लेकिन आरोपित वहां भी पहुंच गया और उनके साथ मारपीट करने लगा। घटना के बाद उन्होंने उसी दिन कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
मेडिकल जांच के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई_
मृत्युंजय सिंह कश्यप के मुताबिक घटना के अगले दिन 22 मई को सदर अस्पताल में उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट की प्रति भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उन्होंने 23 मई को रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत भेजी। पुलिस अधीक्षक को भी 27 मई को रजिस्टर्ड डाक से पूरे मामले की जानकारी दी गई।
आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर कार्रवाई की मांग की।
कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर-
मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-20, आजमगढ़ ने दो सितंबर को प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए कोतवाली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत ने नियमानुसार विवेचना कर एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 10 सितंबर को कोतवाली पुलिस ने मृत्युंजय सिंह कश्यप की तहरीर के आधार पर आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रशांत पांडेय के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अब मामले से जुड़े आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
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