अखिलेश के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री का पलटवार, सपा सरकार के कार्यकाल और दलित मुद्दों को लेकर उठाए सवाल।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने के मुद्दे ने सियासी बहस को तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रदेश के 72 जिलों में डॉ. आंबेडकर की 151 प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने इन मामलों में हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव के बयान पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पलटवार करते हुए सपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख किया। पाठक ने आरोप लगाया कि उस दौर में दलितों के साथ अन्याय हुआ और उनकी जमीनों पर कब्जे जैसी घटनाएं सामने आईं। उन्होंने आंबेडकर की प्रतिमाओं को लेकर भी सपा पर सवाल खड़े किए।
उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ के गोमतीनगर में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से जुड़ी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए इसे सपा के कार्यकाल से जोड़ा। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर भी समाजवादी पार्टी को घेरा और पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े विधायी प्रयासों को लेकर सपा की भूमिका पर सवाल उठाए।
पाठक ने यह भी कहा कि सपा शासन के दौरान बहुजन महापुरुषों से जुड़े नामों वाले कुछ जिलों के नाम बदले गए। इन बयानों के बाद आंबेडकर, दलित अधिकार, आरक्षण और स्मारकों से जुड़े मुद्दों पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गया है।
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