अदालत में पहुंचा मामला, शिकायत के आधार पर ठेकेदार और उपनिरीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज; पुलिस ने शुरू की जांच।
आजमगढ़। मेंहनगर क्षेत्र के गंजोर गांव में मजदूरी के भुगतान को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी मिस्त्री सोचन ने ठेकेदार त्रिभुवन सिंह और उपनिरीक्षक लल्लन यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। एससी-एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार, उसने त्रिभुवन सिंह के यहां करीब एक महीने तक निर्माण कार्य किया था। काम पूरा होने पर उसकी कुल मजदूरी 69,975 रुपये निर्धारित हुई थी। इसमें से 33 हजार रुपये मिल चुके थे, जबकि 36,975 रुपये का भुगतान शेष था। आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर विवाद बढ़ गया और उसके साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई।
सोधन ने पहले स्थानीय थाने के साथ पुलिस और श्रम विभाग के अधिकारियों से शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसने एससी-एसटी कोर्ट में अर्जी दाखिल की।
अर्जी में आरोप लगाया गया है कि 9 जून 2024 की रात त्रिभुवन सिंह एक पुलिस उपनिरीक्षक के साथ उसके घर पहुंचे। पीड़ित का दावा है कि वहां उसके साथ गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी और मारपीट की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उसे पुलिस थाने ले जाया गया।
पीड़ित के मुताबिक, उस समय उसके परिवार में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी और वह अंतिम संस्कार की तैयारियों में व्यस्त था। उसने पुलिस से पहले अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने की अनुमति मांगी, लेकिन आरोप है कि उसकी बात नहीं मानी गई।
मेंहनगर थाना प्रभारी अभिराज के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
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