आजमगढ़ : रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन के बैनामे को लेकर हंगामा, दो पक्षों में मारपीट।

विक्रेता के पुत्र ने रजिस्ट्री पर जताई आपत्ति, पिता के लापता होने पर अपहरण की आशंका जताई।
संवाददाता–राकेश गौतम
आजमगढ़। सिधारी हाइडिल स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में शुक्रवार को जमीन के बैनामे को लेकर विवाद हो गया। विक्रेता के पुत्र द्वारा जमीन की रजिस्ट्री पर आपत्ति जताने के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला गुत्थम-गुत्था तक पहुंच गया। इस दौरान मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया। सूचना पर पहुंची सिधारी थाना पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सुराई गांव निवासी बजरंगी गोंड ने आरोप लगाया कि गांव के ही अशोक यादव और संतोष यादव उसके पिता उत्तम गोंड को अपने प्रभाव में लेकर करीब 19 बिस्वा जमीन का बैनामा कराने का प्रयास कर रहे थे। जानकारी मिलने पर वह सिधारी हाइडिल स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा और जमीन के बैनामे पर आपत्ति जताई।
बजरंगी का आरोप है कि विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में हंगामा होने लगा। सूचना मिलते ही सिधारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों को थाने ले गई।
बजरंगी ने यह भी बताया कि उसके पिता उत्तम गोंड का फिलहाल पता नहीं चल रहा है। उसने आशंका जताई कि दूसरे पक्ष के लोग उन्हें कहीं ले गए हैं और इसी आधार पर अपहरण की आशंका भी व्यक्त की। हालांकि, पिता के अपहरण अथवा उन्हें कहीं छिपाए जाने के आरोप की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।
बजरंगी के अनुसार, उनके घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर परिवार की 19 बिस्वा जमीन है। उसका कहना है कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और इसी जमीन पर परिवार की उम्मीदें टिकी हैं। उसने आरोप लगाया कि दबाव बनाकर उसके पिता से जमीन का बैनामा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
रजिस्ट्री कार्यालय में हुए हंगामे के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। मामले में जमीन के बैनामे को लेकर विवाद, मारपीट और विक्रेता के लापता होने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयानों के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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