गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना, जनगणना कार्य के लिए राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को उपयुक्त व्यक्तियों के चयन का अधिकार!
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जनगणना नियम, 1990 में संशोधन करते हुए जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। 16 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए गणनाकारों (एन्यूमरेटर) के रूप में नियुक्त किए जा सकने वाले व्यक्तियों की सूची में बदलाव किया गया है। ये संशोधित नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।
संशोधित नियमों के तहत सरकारी, स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों, समितियों तथा ट्रस्टों के शिक्षक गणनाकार के रूप में पात्र होंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरणों और विभिन्न प्रतिष्ठानों के लिपिक तथा अन्य अधिकारी भी इस कार्य के लिए नियुक्त किए जा सकेंगे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, वैधानिक निकाय, बैंक, कंपनियां, संस्थान, समितियां और ट्रस्ट भी शामिल हैं।
अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया है कि राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन जनगणना कार्य के लिए अन्य उपयुक्त व्यक्तियों का चयन कर सकता है। इस संशोधन का उद्देश्य जनगणना कार्य के लिए उपलब्ध मानव संसाधनों के दायरे को स्पष्ट करना और जरूरत के अनुसार गणनाकारों की नियुक्ति का प्रावधान करना है। अधिसूचना भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृ्त्युंजय कुमार नारायण के नाम से जारी की गई है।
0 टिप्पणियाँ