तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति गठित, ऑपरेशन से जुड़े छह कर्मियों को नोटिस जारी।
संवाददाता -राकेश गौतम
आजमगढ़। मंडलीय जिला चिकित्सालय में पित्त की थैली की पथरी के ऑपरेशन के बाद किशोरी की मौत के मामले में अस्पताल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. सतीश चंद्र कनौजिया ने प्रकरण की जांच के लिए तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति गठित की है। साथ ही ऑपरेशन से जुड़े छह कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। निजामाबाद थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी सूर्यभान पाल की बेटी पुष्पा पाल का एक अक्टूबर को ऑपरेशन हुआ था। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और रक्तस्राव होने के बाद मंगलवार रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। किशोरी की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा भी हुआ था। परिजनों ने ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये लेने समेत कई आरोप लगाए थे। अस्पताल प्रशासन ने इन शिकायतों की जांच कराने का निर्णय लिया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। जांच समिति में वरिष्ठ परामर्शदाता नेत्र सर्जन डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान को अध्यक्ष तथा वरिष्ठ परामर्शदाता ऑर्थो सर्जन डॉ. पीबी प्रसाद और सर्जन डॉ. संजय गौड़ को सदस्य बनाया गया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। समिति शिकायत में लगाए गए आरोपों, ऑपरेशन की परिस्थितियों और निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के पालन की बिंदुवार जांच करेगी। वहीं, ऑपरेशन से जुड़े डॉ. आमोद कुमार, डॉ. ए.के. कुशवाहा, ओटी इंचार्ज उर्मिला कुमारी, स्टाफ नर्स आशुतोष, सुनील कुमार दुबे और ओटी टेक्नीशियन अमन प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी से अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. सतीश चंद्र कनौजिया ने बताया कि जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे किशोरी की मौत से जुड़े घटनाक्रम और परिजनों की शिकायतों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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